गुरु का महत्व पर निबंध

गुरु का महत्व पर निबंध | Jeevan Me Guru Ka Mahatva Essay In Hindi Language

जीवन में गुरू का महत्त्व :

गुरु का महत्व पर निबंध | Jeevan Me Guru Ka Mahatva Essay In Hindi
Jeevan Me Guru Ka Mahatva Essay In Hindi

 

जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए अर्थात अज्ञान दूर हमें ज्ञान प्रदान करे वही गुरू है | 

गुरु की यह परिभाषा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में लागू होती | अध्यात्मिक क्षेत्र में गुरु की बड़ी महिमा है | गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश से भी अधिक महत्त्व दिया गया है | संत कबीर का यह दोहा प्रसिध्द है – 

गुरू गोविंद दोऊ खड़े, काके लागॅूं पाँय | 

बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय ||

मीराँबाई भी कहती हैं ‘ मैंने ईश्वररॅपी रत्न प्रप्त कर लिया है | मेरे सद्गुरु ने मुझ पर कृपा कर यह बहुमूल्य रत्न मुझे दिया है | ‘ इसी तरह लगभग सभी संतों ने गुरु की महिमा बताई है |

बालक की पहली गुरू उसकी माता होती है | माँ की गोदी में बैठकर बालक बोलना सीखता है | उचित-अनुचित तथा अच्छे-बुरे का साधारण ज्ञान उसे माँ से ही प्रप्त होता है | बालक पाठशाला जाता है | वहाँ उसे विद्या गुरु या शिक्षा गुरु मिलते हैं | वर्षों तक बालक अपने शिक्षा गुरुओं से विविध प्रकार का ज्ञान उसे जिन अनुभवी लोगों से प्राप्त होता है, वे ही उसके गुरु कहलाते हैं | 

गुरु चाणक्य ने ही अपनी विलक्षण शिक्ष्ज्ञा देकर चंद्रगुप्त मौर्य को मगध-सम्राट बनाया था | महाभारत के युध्द में विजयी होने वाले पांडवों को अस्त्र-शस्त्र-विद्या में कुशल गुरु द्रोणाचार्य ने ही बनाया था | 

ज्ञान के बिना जीवन निरर्थक है और ज्ञान केवल गुरु से ही मिलता है | इसलिए जीवन में गुरु का स्थान बहुत उॅूंचा है | भारत में गुरु का महत्त्व सदैव रहा है और रहेगा | 

 

 

 

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