दिवाली पर निबंध

दिवाली पर निबंध | Diwali Essay In Hindi

दिवाली :

diwali essay in hindi दिवाली पर निबंध
diwali essay in hindi

दिवाली यह त्योहार सभी को पसंद है | इस त्योहार पर सभी लोग अपने – अपने धरो को यिा और लाईट की माला लगाकर अपने घरों को सजाते है, और अपने दूकान को भी सजाया जाता है | घरों में अलग – अलग तरह के पदार्थ बनाए जाते है | दिवाली के रात में हम सभ लक्ष्मी देवी की पूजा करते है | पूजा होने के बाद हम फटाके उडाते है | उसमे भी बहुत सारे प्रकार है | जैसे फूलझडी, पेड आदी | यह दिवाली साल में एक बार ही आती है | इसलिए यह दिवाली सभी को बेहद पसंद है |

 

दिवाली :

भारत एक ऐसा देश है जिसको त्योहारों की भुमि कहा जाता है | इन्ही पर्वों में से एक खासर्व्र है दिवाली जो दशहरा के २० दिन बाद अक्टुबर या नवंबर के महिने में आता हैं | इस भगवान राम के १४ साल का वनवास काटकर अपने राजय में लौटने की खुशी में मनाया जाता है अपनी खुशी जाहिर करने के लिए आयोध्या वासी इस दिन राज्य को रोशनी से नहला देते है साथ ही साथ पटाखो की गूंज में सारा राज्य झुम उठ़ता था |

दिपावली के इस खास उत्सव को मनाने के लिए हिन्दु धर्म के लोग बेहद उत्सुकता पूर्वक इंतजार करते है | ये बहुत ही महत्त्वपूर्ण त्योहार है, खास तौर से घर के बच्चो के लिए, ऐसी मान्यता है की इस दिन नई चीजो को खरीदने से घर में लक्ष्मी माता आती है | इस दिन सभी लोग खास तोर से बच्चे उपहार, पटाको, मिठाइयाँ और नये कपडे बाजार से खरीदते है | 

 

मेरा प्रिय त्योहार दिवाली :

हमारे भारत देश में कई त्योहार मनाए जाते है | जैसे की – गणेश चतुर्थी, दिवाली, रक्षाबंधन, होली, जन्माष्टमी आदि | मुझे सारे त्योहार बहुत पसंद है| मगर मेरा सबसे प्रिय त्योहार दिवाली है | 

दिवाली को ‘दियों का त्योहार ‘ कहते है | घर में बहुत अलग-अलग प्रकार की मिठाईयाँ बनाई जाती है | दिवाली पर नए – नए कपडे पहने जाते है | सुबह जल्दी उठ़कर अभ्यंग स्नान किया जाता है | दिवाली के दिन घर के आंगन या घर के सामने रंग – बिरंगी रंगोली नीकाली जाती है | मगर आज – कल के लोग फटको को जलाकर हवा को प्रदूषित करते है| मुझे लगता है हमे इन पैसो से अनाथ बच्चो को खाना, नए कपउे देकर खुश करना चाहीए | उनकी हँसी देखकर जितनी खुशी मिलती है उतनी खुशी फटाके उडानेपर भी नही मिलती है | दिवाली मनाई जाती है क्योंकि उस दिन राम सिता को लेकर, १४ साल का वनवास कर के वापस लौटे थे और दिवाली के दिन दिये जलाए जाते है क्योंकि जब राम और सिता लौटे तब लोगो ने उत्सव मनाने के लिए दिये जलाकर उनका स्वागत कीया| इस त्योहार पर सारा परिवार एक साथ आ कर खुशी और मिठायों से त्योहार मनाते है | इसलिए मुझे यह त्योहार बहुत ज्यादा पसंद है | 

 

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